My Old poetry Your Quote Hindi Collection (part-4)

My Old hindi Poetry

अपनी ख्वाहिशों के समंदर में
हमनें कंकड़ जो फेंका है
अपने ही ख्वाबों को बिखरते देखा है

सब कहते हैं,,,,,
हम बदल रहे हैं,,,,,
गुस्ताखी माफ हो,,,,हुजूर,,,,,,,
हम गिर-गिर कर संभल रहे हैं,,,,,,

नहीं रुक सकती,,,
वो अश्रुओं की धार,,,
जो नयनों में बसते हैं,,,
वो ही करें ह्रदय पे वार,,,,,

मिली नहीं!!!
शराब किसी मयख़ाने में, तेरे जाने के बाद
नशा जो तुझसा चढ़ा सके, एक पैमाने के बाद
मैं झूम सा उठता हूँ,, तेरी याद आने के बाद,,,
अब यही तो दौलत बची है,,..तेरे जाने के बाद,,

जहाँ तुम,,,,,तुम नहीं
कोई और हो,,,
और मैं कोई और

तुम्हारी स्मृतियों नें
विचलित कर दिया है,
ये जलीय दर्पण,,,,,
अब समझ नहीं आता,,,
ये प्रतिबिंब मेरा है,,,या तुम्हारा,,,

या तारीफ करूँ!!!
तेरी ए-जिंदगी
तू कैसी है,,,,,
जैसी मुझे न चाहिए थी,,,,
तू वैसी है,,,,,

अंधेरे में,,,,,,,
खुश था,हर आवाज के साथ
अपनो की
चाहत-ए-दीदार में जो मैंने दीप जलाया,,,
कोई न था मेरे पास में, मैंने खुद को तन्हा पाया,,,,

आओ!!!!!!!!
चलो मेरे दिल से खेलें,,,,,
तुम इसे तोड़ दो
हम इसे यादों में पिरो लें,,,

बदल जाता है,,, मौसम भी चार माह में,,,,,
गर पल भर में इन्सान बदला तो हैरानगी कैसी,,,

जो तू दूर हुआ,,,,,,,
तो ख्वाब भी दस्तक देना भूल गए हैं,,,,
इन नयनों की चौखट पर।।।

यारों,,,,,,,,
पैमाना टूटने का कोई गम नहीं मुझे,,!
अफसोस ये कि उससे लिपटी चाँदनी भी बिखर गई,,!!

क्या बात है,,,
आँखों मे दर्द,,,
होठों पर मुस्कान लाजवाब रखते हो,,
छुपा कर सीने में अरमान बेहिसाब रखते हो,,,,

आज भी,,,,,,,
फिर रहा हूँ, मैं फरार सा,,,,,,
तेरी ही तलाश में,,

चाह कर भी न बेच सका,,
मैं अपने दर्द को।
कमबख्त,,, तुझसे इनका
गहरा रिश्ता जो है।।

जब मुहब्बत ही नहीं दरमियां !
हम रूठें क्या, वो मनायें क्या !!

My hindi Poetry Collection

You know!!!!!
आज फिर कुछ मुझमें टूटा है,,,,
1 टुकड़ा सा बचा था सीने में,,
आज वो भी हमसे रूठा है,,,,,

कोई जब तुम्हारा ह्रदय तोड़ दे,,,
तड़फता हुआ तुम्हें छोड़ दे,,,,
तब तुम मेरे पास आना प्रिये,,,
मेरा दिल खुला है, खुला ही रहेगा,,,
तुम्हारे लिए,,,

Sometime
I want to hide me and my feelings
Inside me,,,,
Sometime
I want to expose me and my words
To whole world,,,,
But,,,,
I’m afraid
I’m afraid from my self
Because I’m alone,,,😔😔

hindi Poetry

ए खुदा तू जमाने में मुहब्बत को दूरियों में बिखेर दे !
न कोई उन्हें पाने की दुआ करे न वो खाव्हिशें रखें!!

ये उनकी मुहब्बत का फिर एक नया दौर है !
जहाँ था कल तक कोई और वहाँ आज कोई और है!!

वक्त के, पहलूओं के आगे बेबस हूँ,,,
यूँ तो “Add” हूँ सबकी “Contact List” में,,,
फिर भी सबके लिए में, “Anonymous” हूँ,,

वो!!!
दौलत सी थी, शायद
इसीलिए उसे हर रिश्ते नें लूटा

सुनी जो खबर तेरी
आज फिर ये दिल रो पड़ा है
आखिर क्यूँ
जो सबके लिए लड़ गयी
खुद के लिये न लड़ सकी

हर रिश्ता उस पल नाकाबिल हो जाता है
जब!!!!
सपने दिखाने वाला ही सपनों का कातिल बन जाता है

Bus Jindigi Ka Nasha Jab Se Kiya Hai,,
Tab Se Har Jakham Ko Sukriya Kaha Hai,,

Jindigi To Bahut Mast Hai Janab,,
Bus Jindigi Ko Dekhne Ka Badlo Hisab

करने तबाह मुहब्बत के बहाने ले गया,, !
एक परिंदा आकर मेरी उड़ानें ले गया,, !!

हमको जो ताने देते थे,
हम खोए हैं किन रंग रलियों में,,,
उनको भी छुप-छुप देखा है,
आते जाते इन गलियों में,,,
ये सच है झूठी बात नहीं,,
तुम बोलो सच है ना,,,

काश,,,,,
हर सफर में तुम सा हमसफर होता,,,
फिर ये दिल यूँ ही तन्हा न होता,,,,

hindi Poetry Collection

My Old poetry

मेरे
सच्चे #दुश्मन
आज फिर मेरे दुश्मनों ने मुझसे वो बात कही,,,,
“उनको”
मुहब्बत सिर्फ जरूरतों से है,,, तुमसे नहीं,,,,

यूँ ही नहीं खफा नीदें मेरी,,,
आज फिर ख्वाबों नें दिल से बगावत कर ली,,

गर खुदा से मिलने की इजाजत होती
और कुछ मांगने की हिमाकत होती,,,,
मांग लेता उनके गम भी अपने हिस्से में
चाहे उनकी कीमत मेरी शहादत होती,,,

अरे झूठ है! कि मुहब्बत नहीं है
आज फिर उसनें मुड़कर देखा है

जरा सुनो,,,,
मेरी तन्हाइयां आज फिर से रो रहीं है,,,
शायद मुझे फिर तुम से मुहब्बत हो रही है,,,,

अगर तन्हाइयां शिकायत करतीं,,,
तो
रोज तुम्हारे घर मेरी शिकायत लाती,,,
और बोलती इसे सम्भाल
ये
(पूरे दिन मेरी ही दहलीज पर रहता है)

hindi Poetry

क्या,,
तेरा उस कदर जाना,,,
जरूरी था,,
क्या
तेरा यूँ मुझको रुलाना,,

गम के अंधेरे से,,,,
हर रास्ता खुशियों की तरफ मुड़ जाता,,,
गर दिल-ए-आईना बिन दरार के जुड़ जाता,,,

एक धुंधली सी याद
तुम,,,,, और तुमसे,,, कीं वो आखरी बात,,,,

अब बचा ही क्या है,, जो खुद पर एतबार करूँ,,,
जो छुपा रक्खा था दुनिया से,, वो तुम छुड़ा ले गए,,,

चाहने की वजह कभी भी कुछ भी नहीं !
बस इश्क की फितरत ही है,बे- वजह हो जाना !!

हुआ जो राबता तेरा शाम-ए-वफा में
खुद को खो कर सब पा लिया,,तेरी सदा में

कोई तो हो ऐसा,,, जो कंधे पर सर रख दे,,,
और कहे,,,
क्यूँ फिक्र करते हो,, में हूं न साथ तुम्हारे,,
बस आवाज देना हमें, जब साथ कोई न दे,

जिन्दगी का सफर, इस कदर सुहाना होना चाहिए,,
सितम अगर हों हजार , फिर भी “अंदाज शायराना”होना चाहिए,,

इश्क की गहराईयों में खूबसूरत क्या है,,!
दो रूह एक हों, और जरुरत क्या है,,!!

चुपके चुपके रात दिन, आँसू बहाना याद है,,
हम को अब तक आशिकी का, वो जमाना याद है,,!

hindi Poetry old collection

“मैं भी हुआ करता था वकील, इश्क वालों का कभी,,!
किसी की मेहरबानी से आज खुद कटघरे में हूँ,,!!

हम वो है जो आंखो में आंखे डाल कर, सच जान लेते हैं,,
तुमसे मुहब्बत है, बस इसलिये झूठ को भी सच मान लेते है,,!!

दूर जा रहे हो हमसे,
फिर चुपके चुपके किस से मिला करोगे,,!
रूठ गए जो हम तुमसे,
फिर हर शाम तुम किस से गिला करोगे,,!!

तुझे क्या पता ए जिंदगी,,,
कितना दर्द मिलता है, जब कोई अपना रूठता है

वादों के लिये ए मेरे हमदर्द, एक वादा तो कीजिये,,
मेरी जिन्दगी में एक बार, आने का इरादा तो कीजिये,,!

तरसाओ न दिल को, कभी तो बात कर लो,,!
सच में न सही
ख्वाबों में ही आकर, मुलाकात कर लो,,!!

“भूला” हुआ फसना हूँ…..मुझे याद कीजिये,,!
तुमसे कहीं मिला हूँ……मुझे याद कीजिये,,!!

ताउम्र तुम खरीदते बेचते रहे बेशुमार मंसूबों को !
क्या रूह ए वफा भी बाजार में खरीदी कभी !!

न करना इस कदर किसी की कदर,,,
के एक दिन खुद के लिए बेखबर-बेकदर होना पड़ जाए,

न जाने लोग ऐसा क्यूँ करते हैं,,,,
बाद में नजरअंदाज ही करना होता है,,,
तो पहले बात ही क्यूँ करते हैं,,,,

जख्म नया क्या दोगे,तुम
कोई पुराना ही खुरच दो ना

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