My latest Poetry Collection (Part-1)

here’s some poetries of My yourquote poetry collection

My YQ collection

My YourQuote poetries

अब न बहल सकेगा ये दिल,,,
अब न यूँ दिए जलाइए,,, !

ये इश्क नहीं ,,,,हवस हैं,,,,,
अब तो फरेब मत छुपाइए,,, !!

नशा उस सा है, या
वो नशे सी है,,,
झूम लेते हैं, हम दोनों ही सूरतों में
चाहें हो जाम,,,या उसका नाम,,
सर चढ़ ही जाता है,,
ये बात भी पते की है,,,

कलमे!!!
आज भी पढ़ रहे हैं,,,,
तेरी हां के इंतजार में।
तेरी यादों में,,,
तन्हाई महसूस नहीं होती।।

गर खत्म हुई स्याही तेरी कलम की
ए खुदा!!!!!
तो ले ले रगों का लहू मेरा,,,,
और कहानियां पूरी किया कर।
बड़ा दर्द होता है गम-ए-जुदाई से,,,
यूँ मुहब्बत की दास्तां अधूरी न लिखा कर ।।

गम तो घटाए हर किसी के,,,,
पर अपने दर्द न मिटा सका।

दोस्ती से मुहब्बत का सफर तो बहुत देखा है,,,,
यारों!!!!!
उसनें तो मुहब्बत से दोस्ती डगर पर ला फेका है।

समझदारी न सही हम में
दिल लगा कर देख लो,,,,
तुम्हे सिर्फ वफादारी मिलेगी,,,

उसने भी क्या हम पर जुल्म ढाए हैं,,
वो आकर कुरेद रहे थे ज़ख्मों को।
हमें लगा उन्होंने हमारे जख्म सहलाए हैं,,,
वो चले गए फिर घावों से नमक लगा कर,,,
हमें लगा हमनें फिर जुदाई में आंसू बहाए हैं।।

इश्क के आलम में
अपनी राह बदी की तरफ मोड़ आए हैं।
करने को खुश चार दिन की मुहब्बत,,,,
एक गुल को सदियों की तन्हाई में छोड़ आए हैं।।

त्यौहार-ए-इश्क में
दिन की शुरुआत ही आंसूओ से हो रही है,,,
कहीं तन्हा बैठ कर मेरी जान रो रही है।

हम कर रहे हैं,, काँच सी उम्मीद,,,,
अगर मुकाम पर तुम मिलो,,, तो
बिखरी उम्मीद के टुकड़ों पर भी चल लेंगे,,,,

मेरी मुहब्बत उनसे कभी मुकम्मल न हुई,,,
और जिनसे मुकम्मल हुई, उनसे कभी मुहब्बत न हुई,,

love poetry

YourQuote poetries

मेरी बेबसी का आलम क्या बयान करूँ,,,, यारो
उसके अक्स को छूने से आईने पर पानी सी लहरें बन जाती हैं,,,

कश्मकश है या फसाना मेरा,,,
आज भी इंतजार कर रहा,,,
वो गुजरा जमाना मेरा,,,

हर बार कोई खता हमारे साथ हुई,,,,
बस एक नींद की ही बात थी
वो भी हमारे साथ न हुई,,,,

राह है,,, पर मंजिल लापता है,,,,,,
दरिया है,,, पर साहिल लापता है,,,,
कहने को तो छत भी है सर पर
लेकिन वो आशियाँ लापता है,,,,,
तुम हो तो सब पा लूँ, एक लम्हे में,,,
जो तुम नहीं तो मेरा हर लम्हा लापता है,,,

जवाब जरूर मांगने हैं,,, तुझसे मेरी बे-कदरी करने वाले
,,ए सबके रहनुमा
एक बार मुझसे रु-बरु तो हो जरा,,,

कर के देख लिया खाली दिल और दिमाग
न शैतान मिला न मिला कोई फरिश्ता,,,
जब खुद महसूस किया,,वही तन्हा मैं था,,,
और चलने को वही बे-मन्जिल सुनसान रास्ता,,,

आओ साथ में बैठते हैं
कुछ तुम अपने दिल की कहो,,
कुछ हम अपने दिल की कहते हैं,,
क्या करें तुमसे लगाव बहुत खास है,,,
ह्रदय में तुमसे मिलने की छोटी सी आस है,,,

बड़ा मुश्किल है,!!!!
किसी की मुस्कान को सँजोये रखना,,,,
जब भी उनकी आंखें झलकतीं हैं,,,,,,
उनके दर्द पर दिल फफकने लगता है,,

हां जी !!!!
वो बड़े ही शातिर निकले
बातों-बातों में हाल-ए-दिल कह गए,,,,
हम मूरख हैं,
जो उनकी बातों को सोचते रह गए,,,,,
ये नए साल पर नया झटका

जी रहा था,, अंधेरे में न जाने कब से,,,
कर दिया मेरे जीवन रोशन,
मेरा हाथ थामा है तुमने जब से,,,,
कट जाए ये साल भी आपके साथ,,
मुस्कुराते हुए,,बस यही आरजू है आपसे

my yourquote poetry

My YourQuote poetries

कैसे सूख जाने दूँ,,,, अपने इश्क के पौधे को,,,,
अब यही तो सहारा बचा है
मेरा दिल बहलाने को,,,,,

ख्वाहिश ये नहीं की तारीफ हर कोई करे !
कोशिश ये जरूर है की कोई बुरा न कहे !!

करेंगें तुम्हारा इंतजार,,, जरा दिन ढलने तो दो,,,,
गर हो तुमको भी मुहब्बत,, आ जाना एक पल मिलने को,,,

जला तो लूँ,,,,जिस्म भी अपना,,,,
मगर
रूह को कैसे जलाऊं,,,
मुहब्बत तो रूह को है,तुमसे,,!!!!

न खोलो मेरे दिल-ए-दास्तान की किताब को,,,,
हर पन्ने पर तुम्हें सुनामी और सैलाब ही मिलेंगे,,,,

सितारों की खातिर टूटना
बड़े फक्र की बात है,,,,
वो तो टूटते हैं सबके लिए,,,
जो टूटे उनके लिए वो,सच्चे जज्बात हैं,,,,

सितारों की खातिर टूटना
बड़े फक्र की बात है,,,,
वो तो टूटते हैं सबके लिए,,,
जो टूटे उनके लिए वो,सच्चे जज्बात हैं,,,,

जुदा हो कर भी रहना सीखना पड़ता है,,,
हर रोज उनके चहरे देखने की आदत से टूट जाओगे।।

जैसे सितारों से हो, कुछ ऐसी मुहब्बत है उनसे,,
देखे बगैर रह नहीं सकते,,
दर्द जुदाई का सह नहीं सकते ,,,

बड़ी राहत मिलती है
जब अपने हाथ
अपने ही दिल के
टुकड़ों को समेटता है

मिजाज से बदलते रहे तुम,,,,
चाह कर भी बदल न पाए हम,,,,,

आसान तो नहीं !!!!!!
यूँ ही खुद अपने अरमानों को,,
अपने ही हाथों से बिखेर देना,,,

उम्मीद भी भी दम तोड़ देती है
जब परछाई साथ छोड़ देती है

घट रहा है कद मेरे इश्क का,,,,
शायद
बिखर रहा है दिल धीरे-धीरे।

डूब तो जाऊं मगर,,,
कोई मुझसे बड़ा दर्द का दरिया तो हो ।

My YourQuote Poetry Collection

सरोवर भी अपनी
शालीनता पर लज्जित हो जाये,,
कुछ इस तरह वो अपने नयन झुका रहे हैं,,
अटखेलियां सी करके वो
हमारे ह्रदय को बहला रहे हैं
बिन जल मत्स्य सी हो तड़पन,,
कुछ इस प्रकार करती हैं वो,
मेरे ह्रदय पर तीखे नयनों से वार,,
अद्भुत है,, यह स्वरूप तुम्हारा,,
क्या कोई स्वर्ग की अप्सरा हो,,
या हो कोई दैवीय नार,,
गर पूछूँ मैं अपने अन्तर्मन से
तो तुम ही हो मेरे प्रेम का सार।

अब;;;;;
सिर्फ दर्द झलकता है,, मेरे जज्बातों में,,,
मुस्कान तो कहीं,,, गुम हो गयी सहर में,,,

खामोश!!!!

कर लेता हूं, इन दर्द से कर्राहती आंखों को,,,,
सिर्फ एक दिन तेरे दीदार का दिलासा देकर,,,

तू अब भी बसी है मेरे दिल के हर हिस्से में,,,,
यूँ ही दर्द नही दिखता मेरे हर किस्से में,,,,

तेरी चोटों का दर्द अब सहन नहीं होता,,,
चलो मिटा दो !!!!!
मेरे अस्तित्व को भी इस जहां से,,,,,
अब यूँ घुट घुट कर हमसे रोया नहीं जाता,,,

अब;;;;;
सिर्फ दर्द झलकता है,, मेरे जज्बातों में,,,
मुस्कान तो कहीं,,, गुम हो गयी सहर में,,,

तासीर मेरी मोम की,, और
इश्क मेरा “लौ” सा ,,,,
जिंदा रखना है, इश्क मुझे
और पिघलने दर्द भी सहना है,,,

ये इश्क है
इस इश्क में खुशियां कुछ कम हैं,,,
चाहें बंजर हो जमीं फिर भी आँखें नम हैं,,,,
न मिले किसी को शूल नुमा फूलों से ऐसी चोट,,,
उनकी मदहोश खुशबू से चोट खाये हम हैं,,,

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