Most romantic poetries for reels latest collection

Most romantic poetries for reels

लोग हर मोड़ पर रुक – रुक के संभलते क्यों है,,
इतना डरते है तो फिर घर से निकलते क्यों है।

मैं ना जुगनू हूँ, दिया हूँ, ना कोई तारा हूँ,,,
रौशनी वाले मेरे नाम से जलते क्यों हैं।।

नींद से मेरा ताल्लुक ही नहीं बरसों से,,
ख्वाब आ-आ के मेरी छत पे टहलते क्यों हैं।

मोड़ तो होता हैं जवानी का संभलने के लिये,,
और सब लोग यही आकर फिसलते क्यों हैं।।

गर खत्म हुई स्याही तेरी कलम की
ए खुदा!!!!!
तो ले ले रगों का लहू मेरा,,,,
और कहानियां पूरी किया कर।
बड़ा दर्द होता है गम-ए-जुदाई से,,,
यूँ मुहब्बत की दास्तां अधूरी न लिखा कर ।।

कभी तो रहम बरसा मुझ फकीर पर,,
के मुझ पर थोड़ा तो एहतराम हो जाये।
कभी तो पिला दो अमृत इन लबों के प्याले से,,
कुछ तो मेरे जीने का इंतजाम हो जाये।

तरस गए तेरे दरस को नैना,,,
अब आये हो, तो मिल जाये शायद इनको चैना
गर तकते हुए तेरी राह कहीं कट जाती सारी रैना,,,
बड़ा कठिन होता ये विलाप हमको सहना।।

रोज जले फिर भी खाक न हुए
मेरे कुछ ख्वाब, जल के भी राख न हुए।

हुस्न वाले तो बहुत देखे हमनें,,,,
मगर हुस्न की मलिका से राबता आज हुआ है।

न तीर से वार किया,, न तलवार से प्रहार किया।
बस निगाहें उठाई उन्होंने और हुस्न के ख़ंजर से वार किया,,,
तड़प भी न सके दर्द से हम, उनके हुस्न को देखकर।
बड़ी दिलकश अदाओं से उन्होंने हमारा शिकार किया

मेरी सारी खुशियां तेरे नाम हो जायें,,,
दुआ रहेगी मेरी हर पल रब से
बोलने से पहले तेरा हर काम हो जाये

रूह तक नीलाम हो जाती है इश्क़ के बाज़ार में,,
इतना आसान नहीं होता किसी को अपना बना लेना ।

Most romantic poetries for reels

रोककर बैठे है ज़िन्दगी को अपनी
की तुम आओ तो जीना शुरू करें।

तुम तो यूं ही जुदाई के आंसुओ से परेशान हो,,
यकीन मानो तन्हाई में मुस्कुराना और भी मुश्किल है ।

यूं तो बहुत कुछ बदल चुका है, मगर,,
मुझे तो सब पहले जैसा ही नज़र आता है।
यह हिचकियां मुझे बताती हैं,,
की तू उसे आज भी उतना ही याद आता है।।

ये बादल ये बारिश ये हवाएं शायद खबर कर देते हैं उसे,,
जब भी कभी तू उसके शहर को जाता है।
मुलाकातों के सिलसिले तो देखिए साहब,,
ना चाहते हुए भी वो सामने आ ही जाता है।।

जैसे जानता हो कि मै आने वाला हूं,,
इस बात का पता उसे पहले ही लग जाता है।
यूं तो वाक़िफ है वो मेरे हर एक किस्से से,,
मगर नए नए तरीकों से मुझे आजमाता है।।

कभी आजमाइश थी उसकी, की मै उसके लिए भी कुछ लिखूँ,,
कोई जाकर बताए उसे की, मेरे हर अल्फ़ाज़ में बस उसी का नाम आता है।
बेशक लोग कहते होंगे उसे खूबसूरत , दिलकश , और हसीन,,
मगर हमसे तो बस आफरीन ही कहा जाता है ।

खरीद कर ले गए ऊँचे दामों में,,
वो ख़ंजर भी, जो दर्द का जरिया था।
कुछ ख़ुशी के लतीफे लिए बैठा था,,
वो सब रखे रखे खाक हो गए।।

कुछ ऐसी आग है, आपके इन लबों में,,,
गर बर्फ को भी छुए तो बर्फ में भी आग लग जाए

साँसों की तरह जरूरी हो गए हो,,,
मेरे जीने की मजबूरी हो गए हो।
चैन नही मिलता तुमसे बातें किये बगैर,,
कुछ इस कदर आँखों को जरूरी हो गए हो।।

बड़ी तन्हा गुजरती हैं ये सर्द रातें,,
किसी को मेरी तन्हाई पर तरस नहीं आता।

Most romantic poetries for reels

क्यूँ बसी है मेरे वजूद में तू इस कदर,
की लोग मिलते हैं मुझसे, मगर हाल तेरा पूछते हैं ।

हम तो जन्मों के बदनसीब हैं,,,
खोया बहुत कुछ है, हर बार यहां।
मिले मंजिल अगर तुमसे इश्क में,,,,
तो नसीब से लड़ने हर हद से गुजर जाएंगे।।

जरा अपने हुस्न का दीदार करा दो,,,,
बैठे हैं,,, बेकार यहां,, जरा हमें इश्क़ का बीमार बना दो

न आपको हमारी फ़िकर है,,
न आपको हमारी कदर है।
जिस दिन कर गुजरेंगे कुछ आपकी चाहत में,,
उस दिन जानोगे आपसे मुहब्बत हमें किस कदर है।।

कभी तो रहम बरसा मुझ फकीर पर,,
के मुझ पर थोड़ा तो एहतराम हो जाये।
कभी तो पिला दो इन लबों के प्याले से,,
कुछ तो मेरे जीने का इंतजाम हो जाये।

जी करता है, तुमको अपने दिल का महमान बना लूँ,,
जी करता है तुमको अपनी जान बना लूँ,,
करके तेरे सारे ख्वाब पूरे,
तुझको मैं अपना अरमान बना लूँ

जियूँ तेरे संग मैं, तेरे संग अपना गुलिस्तां बना लूँ,,
मैं बनूँ तेरा गुलशन, तुझे अपनी बहार बना लूँ,,
करता रहूँ बस दीदार तेरा,
तुझे मैं अपना कहकशा बना लूँ

काश के तुमको भी हमसे मुहब्बत हो जाये उतनी,,,,
हमारे दिल में तुम्हारे लिए तड़प है जितनी,,,
तुम भी समझो मेरी मुहब्बत की बेचैनी को,,
आओ मेरे नजदीक आराम देने मेरे दिल को ,,
बिछा दूँ, तूम्हारे कदमों में, मेरे दिल के आलम को,,
बस तुम एक बार हां में अपनी इजाजत तो दो,,,

थोड़े से नटखट, थोड़े शैतान हो,,,
पर हमारे दिल की जान हो,
इस मासूम से चेहरे पर
माथे की सलवटें बता रहीं हैं,,
आज कुछ परेशान हो,,

ए शोख नाजनी,,,

तू है बहुत हसीं,,,
तुझको नहीं खबर,,,
में तुझको देखकर,,,,
हैरान हो गया,,,
चिलमन में दौड़ कर,,,
तू छिप गयीं,,, मगर
तेरे हिजाब ने मुझे,,
शायर बना दिया,,,

Most romantic poetries for reels

गुजरा वक़्त हमको बहुत कुछ सिखा कर चला गया !

जिसे चुप कराया था सहारा देकर वही रुला कर चला गया !

कहते हैं टूटते तारे से,,
ख्वाहिश अपनी मांगने से पूरी होती हैं।
मैंने तो जब भी,,
आसमान से कोई तारा टूटा तुम्हें ही मांगा।।
लेकिन मैं सोचता हूं,,
जो खुद टूट कर गिर गये।
क्या वो दूसरों की ख़्वाहिशें पूरी कर सकते हैं ?

कुछ हैं इस दिल के थोड़े से अलफ़ाज जो
सिर्फ तुम्हारे लिए निकलते हैं।
मुहब्बत इस कदर है
तुमसे हर वक़्त मिलने को तड़पते हैं

दिल की धड़कनें दिन में सौ सौ बार ऊपर नीचे होती रहती है,,
जब आप अपने दिल के टुकड़े से दूर होते हो।
डरता हूं किसी डॉक्टर के पास जाने से,
कहीं उसकी मशीन मेरे इस दिल के मिजाज को कोई बीमारी ना समझ बैठे।।
क्योंकि इसकी दवा सिर्फ और सिर्फ उन्ही के पास है,,
जो पास आते ही मेरी दिल की धड़कनों को थाम सकती है ।।।

अपनों से खफ़ा होके ……… कहां जाऊं,,
तुमसे जुदा होके ……. कहां जाऊं।
ऐसे मुकाम पे पहुंच गया हूं में इश्क में,,
तन्हा यूं ही मैं …. .कहां जाऊं।।

अब आदत सी हो गयी है ….

साथ ही अब करवट बदलना,,
तेरेसाथ ही गीर कर संभालना।
साथ चलना और साथ ही थम जाना,,
अब आदत सी हो गयी है।।

कभी रूठना कभी मनाना,,
एक ही रंग में रंग जाना।
कुछ भी कहे अब जमाना,,
पर अब आदत सी हो गयी है।।

तुम हो हर बात में , मेरे दिन रात में,,,,

मेरे लिए पाना तुम, मेरे लिए खोना भी तुम,,
मेरे लिए हंसना तुम , मेरे लिए रोना भी तुम।
जाऊ कही देखू कही , तुम हो वहा तुम हों वही,,
कैसे बताऊं तुम्हें , तुम बिन मैं कुछ भी नही।।

Most romantic poetries for reels

ये बाहर कैसा कोलाहल मचा है,,
अब हर तरफ तेरा हि नशा है।
ना जाने वो पल कहा जाकर फंसा है,,
जिसमें तेरे और मेरे मिलने का समय लिखा है।।

हां माना मिलन मुमकिन नहीं,,
पर चलो,,
कभी ना टूटने वाला वादा बन जाओ ।
में बनू कृष्ण तुम्हारा, तुम मेरी राधा बन जाओ ।

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