तेरी मेरी यादें

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तेरी मेरी यादें

“वो आखिरी मुलाकात” हर किसी को याद रह जाती हैं।
कोई अपना हमसे दूर हो जाता है,,,जो हमारे दिल के करीब होता है,,
तब हमारे पास सिर्फ उसकी यादें रह जाती हैं।

फिर जैसे जैसे समय बीतता है,औए एक दिन अचानक से वो अपना हमारे सामने आ जात है और हमें वो हर पल कुछ ऐसे याद आता है जैसे कल की ही बात हो ।

और फिर हम न चाहते हुए भी अपनी और अपने दिल मे छुपे हुए हर जज्बात को उसके सामने रख देते हैं ।

कुछ पंक्तियाँ जो दिल में उसके लिए बसी होती हैं

वो मेरी आखिरी मुलाकात थी,,
मुझे आज तक याद है, जैसे कल की ही बात है,!

वो तेरा सर झुकाए, सीने से किताबें लगाए,
मुझे नजरंदाज कर अपने कॉलेज चले जाना,,!!
मुझे अब तक याद है, जैसे,,,,,,,,,
वो मेरी आखिरी मुलाकात थी,!

मेरा,, तेरे पीछे आना, तुझे मनाने को तेरे कॉलेज तक जाना,,
तेरे सामने रुक कर, घुटनों पर बैठ जाना
मुझे अब तक याद है,,,, जैसे,,
वो मेरी आखिरी मुलाकात थी,

वो तेरी खातिर हर जगह पहुँच जाना,,,,
तेरे साथ मिलकर सारी रात ख्वाब सजाना,,,
छोटी छोटी बातों पर एक दूसरे से लड़ना
फिर सारी रात sorry sorry बोलकर एक दूसरे को मनाना,,
मुझे अब तक याद है, जैसे,,,,,,,,,
वो मेरी आखिरी मुलाकात थी,

माना के वो हमारी आखिरी मुलाकात थी,
मुझे अब तक याद है, जैसे कल ही की बात है,,
तुमनें एक डोर तोडी थी, मेरे विश्वाश की,

तुम न जाने क्या-क्या खोजते रहे,इस दिखावे के संसार में,,,
मुझे तो बस तुम में एक हमराह की तलाश थी,,
माना के वो हमारी आखिरी मुलाकात थी,
मुझे अब तक याद है, जैसे कल ही की बात है,,

तेरी मेरी यादें

तेरी मेरी यादें कुछ ऐसी ही हैं,,, जिनको भूलना मुमकिन नहीं, और न ही हर पल याद कर सकते हैं

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